गजब की धुप


गजब की धुप में निखरा तेरा रूप
या निखरे तेरे रूप पे गिरती गजब की धुप
तेरी मुस्कान एक कातिल सी
या कातिल है तेरा मुस्कुराना खूब.

RSD

Leave a comment