काली तोहार अँखियाँ कमाल कर गइल
धीरे-धीरे, धीरे गहिर घाव कर गइल.
जे नचाइलख सारा बिहार अपना मूँछ पे
वइसन धुरंधर के बेहाल कर गइल.
पातर तोहार कमरिया कमाल कर गइल
धीरे-धीरे, धीरे गहिर घाव कर गइल.
जउन दूआर पे सबके नथनी टूटल
तोहार नथनी पे उ कंगाल हो गइल.
तहार गालिया के तिल कमाल कर गइल
धीरे-धीरे, धीरे गहिर घाव कर गइल.
जे लूट लेलख सारा ज्वार के
जवानी के अइसन रंगदार के
तोहार चोली का बटन बर्बाद कर गइल.
धीरे-धीरे, धीरे गहिर घाव कर गइल.
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