जुल्म बढ़ गया है ससुराल में


पतिदेव ने चिठ्ठी लिखी, पढ़ ली मेरी सास ने
सखी, जुल्म अब बढ़ गया है मुझपे ससुराल में.
अरे देवर ने कर ली अटखेली, टूट गयी चूड़ी हाथ में
सखी, जुल्म अब बढ़ गया है मुझपे ससुराल में.
एक दिन ननद साथ बैठी थी झूले पे बाजार (बाग़) में
सखी, जुल्म अब बढ़ गया है मुझपे मेरे ससुराल में.
एक दिन मैं निकल गयी बिन घूँघट के द्वार से
सखी, जुल्म अब बढ़ गया है मुझपे मेरे ससुराल में.

RSD

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