वक्त बदला तो सब बदल गए


वक्त बदला
तो सब बदल गए।
शहर में दूकान
और दीवार बदल गए।
आसमा में चाँद और
धरती पे गांव बदल गए।
आँखों के ख्वाब
और चाह बदल गए।
उसकी चोली -२
और कमर के नाप बदल गए।
वक्त बदला
तो सब बदल गए।

रिश्ते और औक़ात
बदल गए।
हँसी के रंग,
मौज के साज बदल गए।
प्यार के खत,
और जवाब बदल गए।
लोग तो लोग,
उनके नक़ाब बदल गए।
घर की चौखट,
शर्म और लाज बदल गए।
उसकी घुँघरैलियाँ,
और नैनों का जोश बदल गए।
वक़्त बदला,
तो सब बदल गए।

गीत की धुनें,
और साज बदल गए।
गली-नाले, रास्ते
और चौराहे बदल गए।
फूलों की खुशबू,
और मौसम बदल गए।
खेत की मिट्टी,
और कुएँ का पानी बदल गए।
उसकी होंठों की मुस्कान,
और गालों का रंग बदल गए।
वक़्त बदला,
तो सब बदल गए।

चाय की प्याली,
और चौखट बदल गए।
रात के दीपक,
और जाम बदल गए।
सावन की रिमझिम,
और तान बदल गए।
सपनों के मीत,
और गीत बदल गए।
उसकी कमर की लचक,
और चाल बदल गए।
वक़्त बदला,
तो सब बदल गए।

RSD

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