जो रहा न जिंदगी का, वो ही जिंदगी है
क्या भुलाऊं तुझे, तू ही मेरी जिंदगी है.
आसमा को अब तक खबर ही नहीं
कोई मिल जाए एक रात तो हर रात संवर जाए
मेरी सुनी सी मोहब्बत में कोई बहार आ जाए.
हर गुजरता पल, एक जाम सा मिले मुझे
मरहम बनकर कोई ये दर्दे-दिल हर जाए.
जो बदल जाए उसे मौसम कहते हैं
जो ठहर जाए उसे लहार कहते हैं
जो बरस जाए उसे बादल कहते हैं
जो बस जाए दिल में, उसे जख्म कहते हैं.
जो गम तेरे जाने का है
जो गम तेरे खोने का है
वो ही मेरी जिंदगी है
वो ही मेरी तन्हाई है.
RSD