Her home address


Hey Galib, what have you been writing
on her beauty?
Whatever it it, it is about my heart.
The whole world know my pain
and the reason of it.
However, only you are writing the cure of it.
Hey Galib, which path should I choose,
I dont know?
Because, on each path,
you have been writing her home address.

RSD

Intersection


The intersection of two points
is a line,
that can go to any direction till infinite.
The interaction of two lines
is a point
that can allow to change the direction or vision.
There is no meaning to be a parallel line.

RSD

दुप्पट्टा


तुम लिए जा रही जवानी, यूँ दुप्पट्टा डाल के.
हम कैसे जियेंगे रानी, बिना तुम्हे देखें?
अंग-अंग से गदराई हो, जैसे सावन की बदली,
हम कैसे जियेंगे रानी, बिना इनमे भींगें?

RSD

लहरों पे घर


डूबा हुआ हूँ इस कदर तेरी निगाहों में
की अब बस घुल जाने की तमनन्ना है.
किस कम्बख्त को किनारा चाहिए यहाँ?
अब तो बस लहरों पे घर बनाने की तमन्ना है.

RSD

मोहब्बत


मेरे आगे मोहब्बत में खुदा भी छोटा पड़ गया है,
की उसने तो सिर्फ बनायीं जवानी उनकी, मैंने तो हर वार झेला है.

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ये बताना कभी


कई फैसले जिंदगी के रुलाते हैं हर घडी
ना कोई सुकून हैं, ना कोई मंजिल ही.
इंसान को हर पल में सोचना है यही
की कितनी प्यास है और कितना पीना है जरुरी?
ता उम्र मैं भागता रहा जिन चाहतों के पीछे
पाकर उनको भी प्यास मिटती तो नहीं।
ए खुदा क्या लिखी है किस्मत मेरी?
हर दर्द की दवा है, बस मेरे ही दर्द की नहीं।
मुस्करा रहा है वो आज भी मुझे ही देख कर
की वक्त के साथ हालात मेरे बदलते ही नहीं।
हुस्न की वेवफाई पे कितना लिखूं ?
एक रात के बाद वो पहचानता भी नहीं?
कस्मे-वादे पे ना जाइये इनके, इनके आँचल में,
फरेब के आलावा कुछ मिलता भी नहीं।
क्या सोच कर हुस्न को बनाया था खुदा, ये बताना कभी?
जिस दर्द में हम जी रहे हैं, क्या उसे उठाया है कभी?

RSD

भारत-रक्षक स्कंदगुप्त


पिता तुम्हारी चरणों में शत -शत बात नमन मेरा
मैं लौटूंगा समूल मिटा के हूणों का कुल-बल सारा।
क्षण भर भी मुझे मोह नहीं सत्ता के इस सुख का
अक्षुण्य रखूँगा मगध को बस ये ही हैं स्वप्न मेरा।

RSD

बेइन्तहा मोहब्बत की


बेइन्तहा मोहब्बत की
मंजिल सिर्फ तन्हाई है
आज जिनकी बाहों में तुम हो
कल उनसे ही तुम्हारी जुदाई है.

रुत बदल जाए, रब बदल जाए
जहाँ पतझड़ है, वहाँ बहार भी आ जाए.
मगर मौत के अलावा
ना इस दर्द की कोई दवाई है.
बेइन्तहा मोहब्बत की
मंजिल सिर्फ तन्हाई है.

तुम ना समझे
तो ये तुम्हारी नादानी है.
वो समझ गए
तो उनकी किस्मत में शहनाई है.

जितना पुकार लो
ना लौट के कोई आएगा।
जिंदगी में बस एक ही बार
होती ये सगाई है.
बेइन्तहा मोहब्बत की
मंजिल सिर्फ तन्हाई है.

RSD

माँ सरस्वती


इस दीन की कुटिया पे, हे माँ आती रहो
बसंत-पंचमी पे ही नहीं, हर दिन आती रहो.
कुछ भी नहीं हैं माँ, जो चरणों में अर्पण कर दूँ,
पर शीश पे मेरे माँ, अपना हाथ रखती रहो.

धूल-धूसरित रहूं, या यूँ ही अध्-खिला
जैसे चाहो माता इस जग में रख लो हाँ.
पर कंठ पे मेरे, मस्तिक में मेरे,
माँ सवारी करती रहो.

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कहाँ हो मेरे पृथ्वीराज?


जिसकी जुल्फों में बंधने को पुष्प-पवन है बेकरार
वो संयोगिता पूछती है कहाँ हो मेरे पृथ्वीराज?
जिसके मुख के आभा से चंद्र हुआ है परास्त
वो संयोगिता पूछती है कहाँ हो मेरे पृथ्वीराज?
हार रही है दुखियारी, टूट रहा मन का हर आस
प्रीत परायी हो जाए, उसके पहले रख लो लाज.
कहाँ हो मेरे पृथ्वीराज? कहाँ हो मेरे पृथ्वीराज?

RSD