छल जाना प्रेम में


छल जाना प्रेम में हाँ, प्रभुता का प्रमाण है
येही तो वो पल है प्यारे, जब भक्त, भगवान् पे बलवान है.
जिस नारायण को छलिया कह असुर व्याकुल रहते थे
वो नारायण भक्तों पे अपने नंगे पावँ दौड़ते थे.
पी लेना विष झूठ का प्रेम में, प्रभुता का प्रमाण है
यही तो वो पल है प्यारे, जब महाकाल बन जाते भोलेनाथ हैं.

RSD

बसे हैं बाबा दिल में


भोलेनाथ की जमीन से, शिव के आशीष से
चल पड़े हैं हम तो अपनी नजर लक्ष्य पे साधे।
ना भय कोई मन में, ना बंधन कोई चिंतन में
बसे हैं बाबा दिल में, तो पावों को बेड़ी क्या बांधे?

RSD

ॐ शंकरा- ॐ शंकरा


ॐ शंकरा- ॐ शंकरा
जो गए रही है उसपे ही दिल आया.
ॐ शंकरा-ॐ शंकरा, ॐ शंकरा
भोलेनाथ इससे ज्यादा मुझे कुछ ना भाया।
सावन में मुझे और भी मीठे लगे
जब चढ़े तुमपे बेल-पत्र, भांग-धतूरा
ॐ शंकरा -ॐ शंकरा, ॐ शंकरा.

सावन


नयनों से बड़ी कातिल, रखती है चंचल आदयें वो
भाती हैं मुझे जब जयकारा लगाए वो.
यूँ तो शर्मा जाती है प्रेम में
पर सावन में लगते है हाला-लगाए वो.
मन से भोली, नजरों की शातिर
बैठी हैं दुनिया को नचाये वो.
भाती है मुझे जब ॐ शंकर गाये वो.
हर-हर महादेव।

शिव


शिव मेरी आत्मा
शिव मेरे पिता
शिव को पता है, मैं मांगता हूँ क्या?
दिल के ताड़ जुड़े शिव से
शिव हैं संसार मेरे
शिव को पता है, मैं मांगता हूँ क्या?

RSD

पापी मन


पापी मन के पाप को हर के
तार दो मुझे नाथ मेरे।
सबकुछ पाकर भी ना संतोष हुआ
तृप्त करो मुझे नाथ मेरे।
राहें मिलती गयी, मैं भटकता गया
समझ ना पाया प्रभु आपकी माया।
चरणों में आपके शरणागत हूँ
कृपा करो अब नाथ मेरे।

RSD

भांग अपनी ये मीठी


आँखे मेरी, तुम्हारे दरस की प्यासी
प्यास मिटा दो हे अविनाशी।
सबको यहाँ, मिल गया कुछ -ना – कुछ
कब होगी प्रभु, हमपे कृपा तुम्हारी।
क्षमाप्राथी है ह्रदय मेरा, भुला कर पाप मेरे
अब तो चखा दो भांग अपनी ये मीठी।
कब तक रखोगे यूँ दूर-दूर अंक से अपने?
चरणों में तुम्हारे पिता, सिमटी है दुनिया ये सारी।
सबकुछ भुलाकर बस इतना ही चाहा
जन्म-जन्म तक धोता रहूं चरण तुम्हारी।
आँखे मेरी, तुम्हारे दरस की प्यासी
प्यास मिटा दो हे अविनाशी।

RSD

भोलेनाथ आपकी जो कृपा हो जाए


भोलेनाथ आपकी जो कृपा हो जाए
ये भगीरथ भी सनाथ हो जाए.
है जीवन में मेरे भी कुछ अभिलाषा हाँ प्रभु
आप देख लो, तो सारी ही पूर्ण हो जाए.
आप त्रिपुरारी, त्रिलोकी, महादानी भोलेनाथ
आप देख लो, तो रघुकुल का कल्याण हो जाए.

आज भंगिया थोड़ा तो चखा दे ए भोला


मैं तन्हा -तन्हा सा एक मुसाफिर हूँ भोला
मैं भटक रहा हूँ, इतना काफिर हूँ भोला।
बस दो ही पल संग मुझे बिठा ले ए भोला
आज भंगिया थोड़ा तो चखा दे ए भोला।
मैं लुटा-हारा सा एक स्वार्थी, तू महादानी ए भोला
मैं भटक रहा हूँ, इतना पापी हूँ भोला
बस दो ही घडी, चरणों में बिठा ले ए भोला
आज भंगिया थोड़ा तो चखा दे ए भोला।
मैं माया-मोह में तू निर्मोही ए भोला
मैं भटक रहा हूँ, इतना कपटी हूँ, भोला।
बस दो ही क्षण गले से लगाले ए भोला
आज भंगिया थोड़ा तो चखा दे ए भोला।

RSD

हमार जोगिया


डिम -डिम डमरू बजावे ला हमार जोगिया
रे हमार जोगिया।
मंद -मंद मुस्काये ला हमार जोगिया
रे हमार जोगिया।
दिन-भर बसहा घुमाये ला हम्मर जोगिया
रे हमार जोगिया।
बस भांग-धतूरा ही चाहे ला हमार जोगिया
रे हमार जोगिया।
दिन-भर गंगा में नहाये ला हमार जोगिया
रे हमार जोगिया।