मेरे राम जी


मेरे राम जी मुस्करा के कह रहे हैं किमेरे साथ हैं
मेरी मंजिलें, मेरी राहें तो अब हो गयी आसान हैं.
मेरे राम जी मुस्करा के कह रहे हैं की साथ हैं
धुप में मेरी छावं हैं, मेरे सर पे रखें अपनी हाथ हैं.
मैं राम कहूं तुम राधा कहो
मैं माँ सीता कहूं, तुम श्याम कहो
अरे हैं वो एक बस रूप हजार हैं
मिलना तो सबको बस उनका प्यार हैं.

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जय श्रीराम, जय-जय श्रीराम


दशरथ के पुत्र थे कौशल्या के लाल
अयोध्या में जन्मे थे स्वयं ब्रह्म के अवतार।
जय श्रीराम, जय-जय श्रीराम।
चार-चार भाइयों का लेकर साथ
अयोध्या में जन्मे थे स्वयं ब्रह्म के अवतार।
जय श्रीराम, जय-जय श्रीराम।
भक्त जिनके महावीर-महाबली हनुमान
अयोध्या में जन्मे थे स्वयं ब्रह्म के अवतार।
जय श्रीराम, जय-जय श्रीराम।

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मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम


धुन में तुम्हारे रम जाऊं जैसे रमे हनुमान
जुग- पे-जुग हाँ बीत जाए, ऐसे लगाऊं ध्यान।
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.
आँखों की एक मदिरा, ध्याऊँ तुम्हे सुबहों-शाम
साँसों में एक ज्वाला निरंतर, जपता रहूं ये ही नाम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.
अरे जग तो है एक माया, इस माया के तुम काट
शरण तुम्हारे जो भी है उसको है ब्रह्म-ज्ञान।
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.
पशु -पंक्षी, राजा-रंक, सब हैं एक सामान
मिटटी में मिल जाते हैं, फिर कैसा अभिमान?
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.
जग ढूंढें जिस सत्य को, उसकी राह है आसान
सच्चे दिल से जो बोल दे एक बार तेरा नाम.
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम
मेरे राम, श्रीराम, जय राम, जय-जय राम.

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जय-जय सिया-राम की


बजरंगी के चरणों में शीश नवाये बैठा हूँ
एक बार दरस दे दो श्रीराम, ये गुहार लगाए बैठा हूँ.
दिन-रात यूँ ही कट रहे, साँस भी अब घुट रहे.
छांट दो अँधेरा जीवन से, मेरे राम, ये आस लगाए बैठा हूँ.
एक बार दरस दे दो श्रीराम, ये गुहार लगाए बैठा हूँ.
उस राह का पता नहीं जो जाती हों तेरे धाम
शबरी सा धैर्य नहीं जो उम्र भर देखूं राह
मैं लालच में, मेरे राम, राम-नाम की जाप लगाए बैठा हूँ.
एक बार दरस दे दो श्रीराम, ये गुहार लगाए बैठा हूँ.

अरे कृपा करो हनुमान जी, भक्ति जगा दो श्रीराम की
मैं भी गाऊं संग तुम्हारे, जय-जय सिया-राम की.
ना मैं बल से बलवान हूँ, ना मैं धन से धनवान हूँ
तभी पुकारता हूँ आपको, मेरी राह बना दो हनुमान जी.
मैं भी गाऊं संग तुम्हारे, जय-जय सिया-राम की.
शबरी सा धैर्य जगा दो, भक्ति दे दो स्वयं आप सी
मैं भी गाऊं संग तुम्हारे, जय-जय सिया-राम की.
अंगद सी हो आस्था, और ज्ञान दे दो आप सी
मैं भी गाऊं संग तुम्हारे, जय-जय सिया-राम की.
अरे कृपा करो हनुमान जी, भक्ति जगा दो श्रीराम की
मैं भी गाऊं संग तुम्हारे, जय-जय सिया-राम की.

RSD

प्रभु-आएंगे


हमसे इश्क़ करने के लिए यूँ दावं -पेंच ना करो
कभी बैठ कर मेरे संग दान-दक्षिणा करो.

जिसकी चाहत में दरिया सुख गयी,
उस दरिया में फिर बदली बरसायेंगे।
प्रभु-आएंगे, प्रभु-आएंगे, प्रभु-आएंगे।
प्रभु-आएंगे, प्रभु-आएंगे, प्रभु-आएंगे।

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प्रभु आवतानी अयोध्या, त तानी आ जाएम कहियो बिहार हो


राउर भोली रे सुरतिया, मोहे मनवा हमार हो
प्रभु आवतानी अयोध्या, त तानी आ जाएम कहियो बिहार हो.

मन तो मोह लेते हो प्रभु मोहिनी इन आँखों से
अब तो रोज देखेंगे जब अयोध्या में विराजोगे।
चरणों से आपके मेरी दूरी अब तो मिटने वाली है
प्रभु दुनिया हमारी आज से हाँ बदलने वाली हैं
की आपके ही चरणों में हर साल दिवाली मनाएंगे।

शबरी के राम


जल रही है ज्वाला मन में, जैसे कोई अंगार है
बरसों के तपते ह्रदय को प्रभु आपका इन्तजार है.
प्राणों की वेदी भी प्रभु आप पे निसार है.
बरसों के तपते ह्रदय को प्रभु आपका इन्तजार है.
दीखते नहीं हैं सूक्ष्म कांटें अब तो हाँ इन आँख से
बहरती -सुहारती हूँ पथ को अपने हाथ से.
इस निर्जन कुटिया में प्रभु बस आपकी ही आस है
बरसों के तपते ह्रदय को प्रभु आपका इन्तजार है.
क्या दिन और क्या रात प्रभु, बिन आपके सर्वत्र अन्धकार है
बरसात-गर्मी-बसंत, बिन आपके, सब एक सामान है.
कापंते-जर्जर तन से ये आखिरी गुहार है
बरसों के तपते ह्रदय को प्रभु आपका इन्तजार है.
उड़ जाए ये प्राण पखेरू, उसके पहले प्रभु-चरण पखारूँ
इसके सिवा ना और कुछ भी ह्रदय में बसी चाह है.
इस निर्बल-अबला की लाज, प्रभु आपके ही हाथ है.
बरसों के तपते ह्रदय को प्रभु आपका इन्तजार है.

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प्रभु आएंगे, और हम निहारेंगे


प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे
५०० -साल की प्रतीक्षा,
प्रभु आएंगे, और हम निहारेंगे।
बरसों से बंजर ह्रदय पे प्रभु प्रेम की बरसा बरसायेंगे।
प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे।

ये विश्वास अटल लिए मन में हम
बैठे थे बरसों हस अरण्य में हम
प्रण था की आकुल मन और विकलित ह्रदय से
अनंत-अंत तक हम पुकारेंगे।
प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे
५०० -साल की प्रतीक्षा,
प्रभु आएंगे, और हम निहारेंगे।

जीवन और जीवन की धारा,
बिना राम नहीं इनका किनारा
एक राम नाम ही, सबका सहारा
जप-जप कर राम नाम,
प्रभु के पग-पग में हम दीप जलाएंगे।
प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे
५०० -साल की प्रतीक्षा,
प्रभु आएंगे, और हम निहारेंगे।

हिन्द की इस पावन धरा पे
फिर से श्री राम किलकारेंगे, विराजेंगे।
अद्भुत है जीवन की माया
इस माया में मैं बंध गया
मेरे हर बंधन, बेड़ी को प्रभु काटेंगे, पार लगाएंगे।
प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे, प्रभु आएंगे
५०० -साल की प्रतीक्षा,
प्रभु आएंगे, और हम निहारेंगे।