सूरत


हर सीरत का एक सूरत है, हर सूरत में सीरत नहीं,
हर जोड़े में एक इश्क़ हैं, हर इश्क़ का जोड़ा नहीं।

परमीत सिंह धुरंधर

शौक


अब मुझसे मत पूछ मेरा शौक तू,
ये ही तो दुःख है की आज भी मेरा शौक तू.
कोई गिला नहीं तेरी इस माशूमियत से,
हर बार हाल दिल पूछ कर बन जाता है अनजान तू.

परमीत सिंह धुरंधर

मुसाफिर


जिंदगी इस कदर तनहा रह गयी,
मैं मुसाफिर ही रह गया, मंजिलें खों गयी.

परमीत सिंह धुरंधर

निराला सैयां


हमर सैयां बारन बड़ा निराला,
जतना खालन मीठा ओतने तीखा।

परमीत सिंह धुरंधर

दरिया


इतना मत सोच दिल मोहब्बत की नाकामियों पे,
जिंदगी में तुझे और भी बोझ उठाना बाकी है.
कब तक झुकाएगा खुद को खिदमत में किसी की,
अभी इबादत में में सर को झुकाना बाकी है.
और कितना भागेगा अपनी प्यास मिटने के लिए,
अभी तेरा इस जिंदगी में दरिया तो बनना बाकी है.

परमीत सिंह धुरंधर

शिकायत


चंद पलकों की शिकायत,
की हम में कुछ नहीं है,
उनके होठों से मेरे कानो तक,
आते-आते ज़माने गुजर गए.

 

परमीत सिंह धुरंधर

दर्द


बहुत कष्टमय होता है वो जीवन,
जिसका हर क्षण पुष्पों के साथ गुजरे।
काँटों का दर्द यहाँ कौन समझता है,
जहाँ हर भौंरा पुष्प को चूमता है.

 

परमीत सिंह धुरंधर

खता


पलकों से उनके, मैं मोहब्बत कर बैठा,
ये ही तो खता हुई, उनकी चाहत कर बैठा।
अब होठों से सुरु होती है हर कहानी,
मैं लल्लू, आँखों में उनके डूब बैठा।

परमीत सिंह धुरंधर

मोहब्बत


तेरी मोहब्बत में क्या लिखे,
हो भी लिखता हूँ मिट जाता है.
मैं तो खुद डूबा हुआ हूँ,
दूसरों को यहाँ क्या बचाएं।

परमीत सिंह धुरंधर

वक्त और किस्मत


वक्त के बदलने का इंतज़ार मत कर मुसाफिर,
वक्त और किस्मत में एक ही भेद है.
वक्त किसी का मोहताज़ नहीं होता,
और किस्मत पे किसी का जोड़ नहीं होता.

 

परमीत सिंह धुरंधर