मिट्टी में लोटना


राम जी ने भी लक्ष्मण से कहा था, “मिट्टी में लोटना ज्यादा आनंददायक और मीठा है, वनिस्पत रण में दुश्मन को बांधना।”

परमीत सिंह धुरंधर

दुल्हन और विराट कोहली


मंडप से दुल्हन के भाग जाने पे कैसा लगता है? आज विराट कोहली को वैसा ही लग रहा है.

परमीत सिंह धुरंधर

औरत


ए औरत, तू भी क्या चीज़ है?
तुझे बेवफा बना के, खुद बीमार है खुदा।

परमीत सिंह धुरंधर

तारीफों का शब्द


क्या किस्मत पाई है तुमने भी Crassa?
तुम सा शहर में कोई दूसरा नहीं मिलता।

कितना भी काम आ जाए हम किसी के
अब वो तारीफों का शब्द नहीं मिलता।

परमीत सिंह धुरंधर

मंजिल


तन्हा रहा सफर ए मंजिल तेरी चाहत में
तू मिली भी तो एक तन्हाई है तेरे इस आँगन में.

परमीत सिंह धुरंधर

पर तेरा नाम लेते हैं


तेरी आँखों की कसम खाते हैं
तन्हाई में जी रहे पर तेरा नाम लेते हैं.

तुम मिलो कभी तो तुम्हे बता दें
वो शरारत थी बस तुम्हारे लिए.

सैकड़ों मिटे तो उनकी हैसियत बनी
ये शहर उनका हुआ, हमारी गरीबी रही.

परमीत सिंह धुरंधर

Darkness, Age and Bed: An Interesting Triangle


Darkness is epistatic to the age on the bed.

Parmit Kumar Singh

सवाल


उस ने फिर मेरा हाल पुछा है कितना मुश्किल सवाल पुछा है.

 

परमीत सिंह धुरंधर

जहर और औरत


जहर और औरत, जहर ज्यादा विश्वशनीय और संस्कारी है.

 

परमीत सिंह धुरंधर

मिट्टी की खुशबू


अपने देश में मिट्टी की खुशबू सिर्फ बरसात के बात होती है. परदेश में बिना बरसात, बिना चूल्हा जले ही अपने देश की मिट्टी की खुशबू आती रहती है.

 

परमीत सिंह धुरंधर