उस शख्श को क्या कहें जिसकी आँखों में शराब है
दौलत से भरी दुनिया को छोड़ कर जिसे इस गरीब की चाहत है.

ये तू किसके इंतज़ार में दोपहर में बैठा है
इन राहों पे चल के कब कहाँ कोई लौटा है.

जब मैं मोहब्बत में था, तो खुल कर जंग हुई
वो अपने पे आ गयी तो मुझे रुलाने के लिए सबकी बन गयी.
कोई टिक न सका अपने ब्रह्मचर्य के पथ पे
जब वो मेनका, उर्वसी और रम्भा सी अप्सरा बन गयी.

तराशा है जिस जिस्म को मेरे आभूषणों ने
वो छनकाती हैं उन्हें किसी और की बाहों में.

मेरे दर्दे-इश्क़ का कुछ यूँ इलाज हो
टूटती चूड़ियां और दरकती लाज हो.
खली खिड़की और बंद किवाड़ के बीच
जलती एक आलाव हो.

RSD

संग सुला के देख मुझे


ना तरसा के देख मुझे, ना तड़पा के देख मुझे
ठुकराने से पहले बस संग सुला के देख मुझे।
वो रात ना फिर आएगी जो ख्व्वाबों में हैं तेरे
ना यकीं हो तो दुनिया को आजमा के फिर देख मुझे।

RSD

दिल्ली शहर में मेरी बिल्ली


इश्क़ करो तो बेवफा से, इस दर्द के बिना इश्क़ क्या
समन्दर को पता है कितने किनारो से गुजरी है दरिया।

खेलता रहूं मैं तुम्हारे वक्षों से
जैसे खेलती हैं लहरें किनारों से.
क्या तुम मुझे, मेरी जड़त्व को
लहरों सा स्वीकार करोगी?
और आओगी सर्वस त्याग कर, निर्वस्त्र मेरी आगोस में.

दीवारों पे आपकी तस्वीर लगा कर जी सकता हूँ
मगर इन साँसों का क्या जिनको आपका इंतज़ार है
इन रातों का क्या जिसमे दहकती अंगार है.

ख़्वाबों तक ही रह गयी मेरी प्यास
निगाहें मिली, बरसात भी हुई पर मिट ना सकीय ये आग
जा तुझे छोड़ रहा हूँ तेरी ही ख़ुशी के लिए
तू किसी की भी बाहों में झूल ले
पर ना मिलेगी मेरी बाहों की मिठास।

तू हरियाणवी छोरी मैं छोरा बिहार का
तेरी आँखों से हो के जाता है मेरा रास्ता बिहार का.
तू बलिष्ठ, बुलंद शेरनी, मैं बांका बिहार का
तेरी हाथ की लकीरों पे रचा है नक्शा मेरे गावं का.
तू मदमस्त, मोहनी, मृगनयनी, मैं तोमर बिहार का
तेरे वक्षों पे बसा हैं मेरा संसार प्यार का.

कितने वादे हुए, कितने इरादे बने,
कितने सपनों को थे हम पाले।
आज भी मेरे जिस्म पे उसके नाखूनों के खरोंचें हैं
सारे ही सपनों पे वो कर व्रजपात गयी.
दिल्ली शहर में मेरी बिल्ली भी भाग गयी.

RSD

आवो महरानी।


दौलत जो कमाई वो दौलत नहीं थी
शोहरत जो कमाई वो शोहरत नहीं थी
तुमसे मिलने के बाद मेरे रब, ये जाना
की दुनिया जो मेरी थी वो मेरी तो नहीं थी.

ऐसा निष्ठुर ऐसा निरंकुश शासक है
तो कैसे गरीब के तन पे छ्डेगी चमड़ी।
आवो महरानी। ……
जो सजाता है गुलाब जेब में
वो क्या समझेगा रेत से मोह हमारी?
आवो महरानी। ……
हमने बेकार बहा दी दुनिया खून की
जब दासता में ही रह गयी जिंदगी।
आवो महरानी। ……

RSD

लाखों में एक है बिहार मेरा


मैं हूँ बिहारी, लाखों में एक है बिहार मेरा
मुझे भाया ना कुछ जग में इस मिट्टी के सिवा।
कहीं छपरहिया, कहीं पुरवइया, कहीं बटोहिया, कहीं बिदेसिया
नाम अनेक, पर रंग सबका एक बिहार मेरा।
क्या समझेगा ये जमाना दर्द मेरा
चंद सिक्कों की खातिर मैं छोड़ आया वतन मेरा।
मेरे खेत वहीँ, बैल वहीँ, घर वहीँ, माया वहीं
पर मेरे लालच ने मुझको यहाँ बाँध रखा.

RSD

तेरे नयनों में रंग बहार के है


मेरी आँखों का हैं तू ही नशा
मैं देख रहा हूँ तुझको रात-रातभर
आसमा के तले.
कोई तितली सी, उड़ कर कभी
छू गयी मेरे दिल को अपने पंखों से
मैं भुला नहीं आज तक
वो टकराई थी आके जो मेरी राहों में.

तुम्हारी जवानी एक मीठी आंच है
जिसपे रोटी पक जाए, सब्जी बन जाए
दाल-चावल सब पक जाए
फिर भी जो सुलगती हर रात है.
तुम्हारा हुस्न एक तेज़ाब है
जिसे जो छू ले, वो जलता हर एक रात है.

तुम सवरों तो बादलों में बिजली है
तुम चलों तो बलखाती हिरणी है
तुम्हारी झुकी पलके जैसे ठहरी हुई नागिन
हम तेरे करीब आने की दुआ भी करें तो क्यों ?
तेरे करीब से जजों भी गुजरा वो मयखाने में साथी है.
तुझे मांगें भी खुदा से तो क्या ?
कहहुदा खुद तुम्हे बना के फंस गगया अपनी चाल है.

तुम्हारी किताबों में मेरा एक पन्ना है
समय मिले तो पढ़ लेना, लिखा कुछ अच्छा है
तुम बैठती हो अपनी सहेलियों से लिपट कर
जो अगली पंक्ति में
हमने जाना की लड़की होना भी कितना अच्छा है
सुबह-सुबह जब तुम आती हो
खुली भींगी जुल्फों में फूल लगाकर
सौ साल की जिंदगी से एक दिन का खिलना कितना अच्छा है.

खूबसूरत है जवानी
तो तुम मेरी रानी
सहोगी मनमानी
अब रात भर, अब रात भर.

कौन कहता है हुस्ना वेवफा है
ये भी तो अरे उसकी एक अदा है.

केकरा से कही जाके ससुरा के हाल रे
सैयां अनाड़ी बारां, देवरा चालाक रे
दिन भर बइठल रहे छनि पे चढ़ के
सैया खटस कहता, देवरा इ खाट पे.

हसीं तेरी चाहत में यूँ तो नग्मे हज़ार मिलें
सबमे टुटा था पर दिल, आशिक सारे बीमार मिले
तूने लुटा एक-एक को ऐसे, जैसे उषा तिमिर को हरे
जिसने भी पुकारा तुझे वो तड़पते लाचार मिले।
तुझको भोगा जिसने, उसे क़द्र ना तेरी
जिसने क़द्र की तेरी वो बिकते बाज़ार मिले।

जब तक तू दूर है मेरी है
जब तू मेरी है तो दूर कहाँ?

तेरे नयनों में रंग बहार के है
मैं बिहार का हूँ तू चल मेरे साथ.
तू मुस्काये तो धुप खिल जाए
मैं कांधों पे लिए हल हूँ, तू चल मेरे साथ.
तेरी जुड़ों में फूल जैसे लिट्टी में घी
तुहे पीना है सतुआ तो आजा मेरे साथ.
जिस मिट्टी से राजेंद्र प्रसाद और जयप्रकाश
तुझे बसाना हो ससुराल छपरा तो आजा मेरे साथ.

तेरे सफर की तन्हाईयाँ मंजिल पे तेरी शहनईया हैं
किस्मत से जंग में मेरे दोस्त, फतह से पहले सिर्फ और सिर्फ रुस्वाइयाँ है.
चल, सिर्फ चल बिना थकान और मंजिल के चिंता के
तेरे कदम को चूमने वाले कांटें परिछाइयाँ हैं.

जोगी तहरा से मिले आयें सांझ के
सैया रहे लागल बारां घरे रात के.
ऐसे मत जा छोड़ के हमारा गावं के
के बरसाई अब बरखा प्यार के.
अभी खा ल सखी के हाथ से दाल-भात के
आएम त खिलायेम पुआ छान के
भय, भय टांको नइखे अब देह में
कहब त भागचलेम तहरा ही साथ में.

खुदा ने लिखा सबसे महँगी मोहब्बत मेरे लिए
बस मेरी किस्मत में दौलत को लिखना भूल गया
खुदा ने तरासा उनके जिस्म को बारीकी से मेरे लिए
बस मुझको तरसना भूल गया
खुदा ने मुझे दी सीरत और उनके दिल में
सीरत की चाहत डालना भूल गया
खुदा ने बनाई शादी की लकीरें मेरे और उनके दोनों ही के हाथों में
मगर जन्नत में ये जोड़ी लिखना भूल गया.

मैं तड़पता रहा जिस प्यास को लिए
तुम उस दरिया को लिए बैठी रही
ना प्यास मिटा, ना दरिया सूखी
मोहब्बत यूँ ही अधूरी रही

RSD

Addiction of a naughty girl 


A very-very naughty girl 

Wants me to be with her

All the time

Like a fire in the air. 

A very-very naughty girl 

Says always the same thing in my ear

And now I am addicted 

Always wants to hear.

RSD

Star


A star is born to be alone

It is neither to be desired by anyone 

Nor to be worshiped like a God or messenger

It is here to inspire generation after generation.

A star is born to touch the right path for the generation

By eliminating the darkness persisting in society.

That’s why when a star dies 

It leaves a vacuum behind it 

To be filled by another star

Otherwise, the community will disappear like dinosaurs.

A star is not a God or a messenger 

But it is more significant than them. 

Without a star 

We cannot feel the existence of a God 

The arrival of the messenger 

And the difference between good and evil. 

RSD

Black Beauty


The beauty of the black color 

Is that it hides everything

Love or frustration 

Anger or depression. 

Roses are red

Sky and sea are blue. 

But only the black night 

Could be the canvas for your dreams.

RSD

शरारत


हमनशीं तेरी आँखें जो करती हैं शरारत
बच्चे बन जाते हैं शिकारी, बुड्ढे कर देते हैं बगावत।
हमनशीं तेरी जुल्फें जो करती हैं शरारत
बादल उमड़ पड़ते हैं, और छ जाता है सावन।
तेरे ही हैं सब पयादें, सब हैं तेरे ही रहम पे
किसी को विष-विरह का, किसी को देती है परमानंद।
कोई भी तृप्त नहीं, कोई भी संतुष्ट नहीं
तेरी माया से कब, कहाँ बचे हैं स्वयं सृष्टि के पालक।।

RSD