टूट कर भी तारे अम्बर के जमीन पे आते नहीं
ये ही दम्भ है वीरों का, वो हार से शर्माते नहीं।
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टूट कर भी तारे अम्बर के जमीन पे आते नहीं
ये ही दम्भ है वीरों का, वो हार से शर्माते नहीं।
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घड़ी -की-घड़ी रह गयी
ये उम्मीदें तुमसे मिलन की.
छोटी -से छोटी होती जा रहीं
ये आसमा और ये जमीन
पर, दूरी – की – दूरी रह गयी
ये उम्मीदें तुमसे मिलन की.
सोचा था की पटना से एक पल बांधूंगा
चलेंगे नंगे पाँव जिसपे हम और तुम.
ये लकीरे लिखी – की -लिखी रह गयी
ये उम्मीदें तुमसे मिलन की.
घड़ी -की-घड़ी रह गयी
ये उम्मीदें तुमसे मिलन की.
अब नहीं है इरादा
नहीं है जूठी ही आशा
टूटी-की-टूटी रह गयी
ये उम्मीदें तुमसे मिलन की.
घड़ी -की-घड़ी रह गयी
ये उम्मीदें तुमसे मिलन की
मिलता भी कोई तो कैसे?
हमने दिल में बसाया है तुमको
उजड़ी-की-उजड़ी रह गयी
ये उम्मीदें तुमसे मिलन की.
घड़ी -की-घड़ी रह गयी
ये उम्मीदें तुमसे मिलन की.
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छल जाना प्रेम में हाँ, प्रभुता का प्रमाण है
येही तो वो पल है प्यारे, जब भक्त, भगवान् पे बलवान है.
जिस नारायण को छलिया कह असुर व्याकुल रहते थे
वो नारायण भक्तों पे अपने नंगे पावँ दौड़ते थे.
पी लेना विष झूठ का प्रेम में, प्रभुता का प्रमाण है
यही तो वो पल है प्यारे, जब महाकाल बन जाते भोलेनाथ हैं.
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हम उस धरती के वंशज है, जहाँ पिता पुत्र पे मरते हैं -२
हम उस धरती से आते हैं जहाँ पुत्र पिता के लिए लड़ते हैं.
हम उस धरती के वंशज है, जहाँ पिता पुत्र पे मरते हैं -२
हम उस धरती से आते हैं जहाँ पुत्र पिता के लिए लड़ते हैं.
तुम पूजा जितना पूजना है हाँ अपने प्यार को -२
हमने तो बस पूजा है धरती, और पिता के पाँव को.
जब-जब हम थे तुतलाये, चूमा हमारे गाल को
जब -जब लौटे थे जीत के, चूमा हमारे माथ को.
पर जिस दिन था दुनिया को रौंदा, बोले पिता
मेरे माँ को, हे देवी, प्रणाम तुम्हे, नारी तुम महान हो.
तुम पूजा जितना पूजना है हाँ अपने प्यार को -२
हमने तो बस पूजा है धरती, और पिता के पाँव को.
तुमने पिता बनाया मुझको ऐसे हाँ पुत्र का
जो धरा पे रम रहा लिए दम्भ मेरे नाम का
क्षण -क्षण में ह्रदय में मेरे जो आनंद का भण्डार भरें
और पल-पल में सीना मेरा करता है विशाल जो.
तुम पूजा जितना पूजना है हाँ अपने प्यार को -२
हमने तो बस पूजा है धरती, और पिता के पाँव को.
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पिता एव परमसत्यः,
पिता एव परमेश्वरः।
पिता एव अमृतस्वरूपः,
पिता एव अजरामरः।
पिता एव धर्मग्रन्थः,
पिता एव गीताज्ञानम्।
पिता एव नीलकण्ठः,
पिता एव नारायणः।
पिता एव शाश्वतशान्तिः,
पिता एव कर्ममार्गः।
पिता एव ब्रह्मवाणी,
पिता एव सत्यसारः।
पिता एव प्रथमप्यारः,
पिता एव पथप्रदर्शकः।
पिता एव जीवस्रोतः,
पिता एव मोक्षद्वारः।
पिता एव दीपज्योतिः,
पिता एव दिशां सारः।
पिता एव आदित्यसमानः,
पिता एव अमराधारः।
पिता एव वटवृक्षः,
पिता एव छायावरदानम्।
पिता एव तपस्त्यागः,
पिता एव समर्पणमहान्।
पिता एव आकाशः,
पिता एव भूमेः मानः।
पिता एव गति: शक्तिः,
पिता एव प्राणाधारः।
पिता ही परम-सत्य,
पिता ही परमेश्वर।
पिता ही अमृतस्वरूप,
पिता ही अजर-अमर।
पिता ही धर्म-ग्रन्थ,
पिता ही गीता-ज्ञान।
पिता ही नीलकंठ,
पिता ही नारायण।
पिता ही शाश्वत शांति,
पिता ही कर्ममार्ग।
पिता ही ब्रह्मवाणी,
पिता ही सत्य-सार।
पिता ही पहला प्यार,
पिता ही मार्गदर्शक।
पिता ही जीवन-स्रोत,
पिता ही मोक्ष-द्वार।
पिता ही दीप-ज्योति,
पिता ही दिशाओं का सार।
पिता ही सूर्य समान,
पिता ही अमर आधार।
पिता ही वट-वृक्ष,
पिता ही छाया का वरदान।
पिता ही तप और त्याग,
पिता ही महान समर्पण।
पिता ही आकाश,
पिता ही भूमि का मान।
पिता ही गति और शक्ति,
पिता ही प्राण-आधार।
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जो रहा न जिंदगी का, वो ही जिंदगी है
क्या भुलाऊं तुझे, तू ही मेरी जिंदगी है.
आसमा को अब तक खबर ही नहीं
कोई मिल जाए एक रात तो हर रात संवर जाए
मेरी सुनी सी मोहब्बत में कोई बहार आ जाए.
हर गुजरता पल, एक जाम सा मिले मुझे
मरहम बनकर कोई ये दर्दे-दिल हर जाए.
जो बदल जाए उसे मौसम कहते हैं
जो ठहर जाए उसे लहार कहते हैं
जो बरस जाए उसे बादल कहते हैं
जो बस जाए दिल में, उसे जख्म कहते हैं.
जो गम तेरे जाने का है
जो गम तेरे खोने का है
वो ही मेरी जिंदगी है
वो ही मेरी तन्हाई है.
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Marriage is not the only way to have a life.
You don’t need a ring to feel complete,
nor a crowd to prove your worth.
You just need the fire that burns inside,
and the silence that lets it breathe.
Let them have the drink,
let them have the night,
let them dance beneath the noise of light.
You — stay with your thoughts,
your ink, your pain,
the quiet room where greatness is born again.
You owe no one an explanation
for walking alone.
The world may call it loneliness,
but you will know it as freedom —
the kind that builds, the kind that dreams.
You were made to rise,
to burn,
to build something that didn’t exist before.
Be alone — not empty, but full.
Full of thought, full of fire, full of direction.
When you walk alone,
you hear your own footsteps
and they become a rhythm —
the sound of becoming.
Marriage is not the only way to have a life.
Creation, compassion, courage —
these too are homes.
So be alone,
not as a void,
but as a voice that rises
to meet its own destiny.
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नारी भारत की
कब तक प्रेम में खुद को बांधोगी?
कब तक सपनों की डोर किसी और के हाथ थामोगी?
वीडा उठा कर
मन को बाँध कर
दुनिया को जीत लो अगर अकेले चलोगी।
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I don’t believe in lies,
Because I believe in your eyes.
No shadow of doubt can hide,
The truth your gaze confides.
Through storms that roar and skies,
Through whispered fears and sighs,
I find my heart’s own prize:
The faith within your eyes.
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वक्त बदला
तो सब बदल गए।
शहर में दूकान
और दीवार बदल गए।
आसमा में चाँद और
धरती पे गांव बदल गए।
आँखों के ख्वाब
और चाह बदल गए।
उसकी चोली -२
और कमर के नाप बदल गए।
वक्त बदला
तो सब बदल गए।
रिश्ते और औक़ात
बदल गए।
हँसी के रंग,
मौज के साज बदल गए।
प्यार के खत,
और जवाब बदल गए।
लोग तो लोग,
उनके नक़ाब बदल गए।
घर की चौखट,
शर्म और लाज बदल गए।
उसकी घुँघरैलियाँ,
और नैनों का जोश बदल गए।
वक़्त बदला,
तो सब बदल गए।
गीत की धुनें,
और साज बदल गए।
गली-नाले, रास्ते
और चौराहे बदल गए।
फूलों की खुशबू,
और मौसम बदल गए।
खेत की मिट्टी,
और कुएँ का पानी बदल गए।
उसकी होंठों की मुस्कान,
और गालों का रंग बदल गए।
वक़्त बदला,
तो सब बदल गए।
चाय की प्याली,
और चौखट बदल गए।
रात के दीपक,
और जाम बदल गए।
सावन की रिमझिम,
और तान बदल गए।
सपनों के मीत,
और गीत बदल गए।
उसकी कमर की लचक,
और चाल बदल गए।
वक़्त बदला,
तो सब बदल गए।
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