कस्तूरी


मन कस्तूरी, जग दस्तूरी
रिश्तों में है अजब सी दूरी।
बेचैनी ही पाने की
पाकर दूर जाने की
उलझनों में रह गई
उलझ के प्रेम की डोरी।

सब चाहते है प्रेम सच्चा
कोई ना तोड़े विश्वास उनका
पर खुद पे जब आये तो
क्षण में चलते हैं दिलों पे छुरी।

ररुत आती है, जाती है
सावन-पतझड़, बसंत
के रूप लेकर
पर सबके चूल्हे में हैं
विरह की अनंत चिंगारी।

भूलकर सावन में संग झूले
झूलों की मीठी यादें
चला रहें हैं एक दूसरे पे
तेज-त्तेज कुल्हाड़ी।

First two lines were suggested by a friend.

Rifle Singh Dhurandhar

Dogma


With just four alphabets: A, C, G, and T
He created the living world.
From lower fungi to plant,
and from Arthropoda to Homo sapiens,
it is diverse
yet comprises only four alphabets.
The world is so diverse that
we cannot see our faces without a mirror.
Then, how can we see our soul?
The soul is a part of Him.

The Ramachandran plot suggests all
possible configurations of proteins.
Yet, we cannot decode and control
the entropy of the universe.
Then, how can we control our soul?
The soul is a part of Him.

Rifle Singh Dhurnahdar

घूँघट 


वो इंतज़ार करते हैं मौसम के बदलने का
हम इंतज़ार करते हैं उनके घूँघट के उठने का.

Rifle Singh Dhurandhar

माँ दुर्गा और श्री राम


प्रेम प्रुस्कृत नहीं हो सकता
सिंह भयभीत नहीं हो सकता।
तिमिर के शिविर में
एक दीप भी ग्रसित नहीं हो सकता।
माँ, माँ जब तक तुम हो संग मेरे
तुम्हारा राम कभी पराजित नहीं हो सकता।

Rifle Singh Dhurandhar

बंधन


प्यार का बंधन छोटा सा
बंध जाओ तो दुनिया छोटी सी.
दिल में उतरना है मुश्किल
उतर जाओ तो, हर मौसम फीका सा.

Rifle Singh Dhurandhar

फूल


मौसम कह रहा है न हैरान हो
बादलों में फिर से कोई नाम है सिवान से.
और वो जो फूल हर मौसम में खिल लेते हैं
वो आते हैं हमारे और तुम्हारे जैसे किसी गावं से.

वो फूल जो खिल कर मेरा न हुआ-२
किसी मयकसे में मुझे नशा न हुआ.-२
और किस्मत से क्या शिकवा करोगे परमीत
अम्बर पे चाँद आ के भी मेरे, मेरा न हुआ, मेरा न हुआ.

Rifle Singh Dhurandhar

Harvard-2


तुम प्रेमिका हो मेरी, श्वेत रंग धारी
माँ शारदे की याद, हर पल में लाती।
पूजता हूँ हर रोज माँ शारदे को
की बना दे अपनी जोड़ी।

Rifle Singh

तुम #Harvard नहीं हो मेरा Heart हो प्रिये


तुम हार्वर्ड नहीं हो
मेरा हार्ट हो प्रिये।
तुम्हे पाने के लिए
रह गया मैं अकेला हूँ प्रिये।
तुम सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं
मेरा ख्वाब हो प्रिये।
बस तुम्हारे साथ चलने के लिए
रह गया मैं अकेला हूँ प्रिये।
सारे ख्वाब टूट गए, अरमान टूट गए
पिता के लाडले गोद से छूट गए
की तुम सिर्फ एक मुकाम तो नहीं
मेरी सांसे हो प्रिये।
तुम्हे पाने के लिए
रह गया मैं अकेला हूँ प्रिये।

It was a dream to be here

Still, a dream exists in my heart

To be with you forever. 

Rifle Singh Dhurandha

Semi-conservative life


As I see the mirror
After your given marks
I feel to be in your arms
Like tangled DNA.
Our arms and legs having the bond
Like A, T, G, and C
To have a semi-conservative life.

Rifle Singh DHurandhar

तराशा गया हूँ


मैं तराशा गया हूँ इस कदर दर्द में
ना कोई ख्वाब है ना कोई आशा मन में.

पंख तो फड़फड़ाते हैं हर घड़ी ही
पर ना आसमा है ना ही उड़ान नभ में.

फूल खिले हैं काँटों में, या कांटें ही साथ हैं
जिन्दी ऐसी उलझी, कुछ भी नहीं रहा बस में.

Rifle Singh Dhurandhar