नजरो से सियासत होती है,
अक़्ल तो बजीर रखते हैं.
जुदाई का नाम है मोहब्बत,
जोड़े वाले तो बस तकदीर रखते हैं.
परमीत सिंह धुरंधर
नजरो से सियासत होती है,
अक़्ल तो बजीर रखते हैं.
जुदाई का नाम है मोहब्बत,
जोड़े वाले तो बस तकदीर रखते हैं.
परमीत सिंह धुरंधर