Dream


For your dream, You have to die.

 

Parmit Singh Dhurandhar

पशु – पक्षी


जब तक आसमान तुम्हारा है,
तुम पशु नहीं हो.
जिस दिन से जमीन तुम्हारी हैं,
तुम पक्षी नहीं हो.

 

परमीत सिंह धुरंधर

नारी का संग होना भी क्या होना?


बुद्ध छोड़ गए यशोधरा को,
दिव्या – ज्ञान की खातिर।
राम लड़ गए रावण से,
एक सीता की खातिर।
कृष्णा भूल गए गोकुल – संग,
राधा की अटखेलिया,
बस एक युद्ध की खातिर।
लक्ष्य जीवन का साधित होगा साथी,
चाहे नारी हो या नारी संग में न हो.
जीवन तो तुच्छ हैं,
इसे क्या भोगना।
जिसका जीवन ही भोग – विलास हो,
उस नारी का संग होना भी क्या होना?

 

परमीत सिंह धुरंधर

माँ सरस्वती और मेरी कलम


लिखता हूँ तो लिख देता हूँ,
जिंदगी को हर तकाजे में.
ये ऐसा गुलिस्तां हैं दोस्तों,
जहाँ प्यास मिटती नहीं,
बस जिस्म के मिल जाने से.
ओठों को चख – चख के,
कितने मायूस हैं इस गलियारे  में.
जो  ठोकरों में भी मुस्कराए,
वैसे कमल को खिलता हूँ अपनी कलम से.
माँ सरस्वती का भक्त हूँ मैं,
मेरी आँखों को बस उनकी ही लालसा।
उनके चरणों को चुम लूँ,
तो मीट जाए मेरी हर तृष्णा।
ऐसे ही दुःस्वप्न ले कर,
भटक रहा हूँ जीवन के मरुस्थल में.

 

परमीत सिंह धुरंधर

This is just to explain that life is not only for success in professional life, in relationship. It is beyond that to understand the connection with the source of energy.

नूरे – धुरंधर हूँ मैं


जंग तो होगी,
चाहे पूरी दुनिया एक तरफ,
और मैं अकेला ही सही.
नूरे – धुरंधर हूँ मैं,
पीछे हटने का सवाल ही नहीं।
मौत का भय मुझे क्या दिखा रहे हो,
लाखो दर्द में भी जो मुस्कराता रहा,
खून उसका हूँ मैं,
झुकने का सवाल ही नहीं।

 

परमीत सिंह धुरंधर

उलझते – उलझते


यूँ ही उलझनों में,
उलझते – उलझते,
सुलझाई है मैंने जिंदगी।
उनको नाज है की वो,
महफ़िलों की चाँद हैं.
मगर मैंने आज भी अंधेरों में,
जलाये राखी है ये रौशनी।

परमीत सिंह धुरंधर

Do not be a part of substitution


If you cannot be a word in a sentence, try to be a comma or a full stop. However, do not be a part of substitution.

Parmit Singh Dhurandhar

Lets try once again


Lets try once again,
Even if there is no chance,
Lets try once again.
Failure does not mean,
this is the last stage,
Lets try once again,
Lets try once again.
I still remember those nights,
When we were together,
I still have the same need,
And you still have the same fire.
Lets try once again,
Even if there is no chance,
Lets try once again.

Parmit Singh Dhurandhar

गुलाब


ना वफ़ा की चाहत है, ना बेवफाओं के जिस्म की,
हमने सारे अपने किस्मत के गुलाबों को, गंगा में बहा दिया।

My life is not dependent on the quality of life. It is for the principles of life.

परमीत सिंह धुरंधर

जिंदगी


नसीबों का खेल है जिंदगी,
हमने उसे वसूलों में बाँध के रख दिया,
तुम जिस मुकाम पे पहुँच के इतरा रहे हो,
हमने कब का उससे ठोकरों में तौल के रख दिया।

My life is not dependent on the chance of success, it depends how much resistance I will get in the path.

परमीत सिंह धुरंधर