कह अ न परमीत तानी अंखिया से,
केने-केने धोती खुलल रतिया में.
मत पूछ अ रानी इह बतिया रे,
बड़ा गजन लिखल रहल देहिया के.
नशा अइसन रहल की होश गवा देहनी,
अखियाँ खुलल त अ रहनी खटिया पे.
रात भर में लूट गइली सारा जोगवाल थाती,
बस रह गइल एगो नथुनिया रे.
कह अ न परमीत तानी अंखिया से,
केने-केने धोती खुलल रतिया में.
मत पूछ अ रानी इह बतिया रे,
बड़ा गजन लिखल रहल देहिया के.
नशा अइसन रहल की होश गवा देहनी,
अखियाँ खुलल त अ रहनी खटिया पे.
रात भर में लूट गइली सारा जोगवाल थाती,
बस रह गइल एगो नथुनिया रे.