मिट्टी की खुशबू


अपने देश में मिट्टी की खुशबू सिर्फ बरसात के बात होती है. परदेश में बिना बरसात, बिना चूल्हा जले ही अपने देश की मिट्टी की खुशबू आती रहती है.

 

परमीत सिंह धुरंधर

सागर और आवारापन


वसूलों में बंध के सागर भी खरा बन गया. मीठा बंनने के लिए आवारापन जरुरी है दोस्तों।

 

परमीत सिंह धुरंधर

जिंदगी


जिंदगी छोटी ही सही, मगर खोटी नहीं होनी चाहिए।

 

परमीत सिंह धुरंधर

अधूरी तमन्नाएं


अधूरी तमन्नाएं विवस करती हैं जीने के लिए, मारने के लिए और राहों को समतल बनाने के लिए. इसलिए मंजिलों की लालसा से ज्यादा महत्वपूर्ण है ये अधूरी तमन्नाएं।

 

परमीत सिंह धुरंधर

अनुभवहीनता


अनुभवहीनता, पराधीनता से ज्यादा आवश्यक और महत्वपूर्ण है, जीवन, समाज और मानव के विकास के लिए.

 

परमीत सिंह धुरंधर

जरूरतें


बचपन में त्योहारों की, जवानी में ललकारों की,
और बुढ़ापे में सहारों की जरूरतें होती हैं सभी को.

 

परमीत सिंह धुरंधर

पगुराने का मज़ा


जो मज़ा खाने में नहीं वो पगुराने में है.

परमीत सिंह धुरंधर

बागों का शौक


जो बागों का शौक रखते हैं उन्हें आम के मौसम का इंतज़ार नहीं रहता.

परमीत सिंह धुरंधर

घोड़ा


घोड़ा एक बार टमटम में जुत जाए, तो फिर वो शादी में कभी नहीं दौड़ता चाहे जितना जोर लगा लो.

परमीत सिंह धुरंधर

Evolution and Marriage


Unmarried girls are more identical then married girls. Thus the variability is higher among unmarried girls. The degree of variability increase with number of years in married life but not with the number of marriage.  That’s why a society with girls preferring unmarried life may not evolve and may become extinct after some time.

Parmit Singh Dhurandhar