एक लड़की का भोला दिल


एक लड़की का भोला दिल,
बोला,
एक शाम को,
खेलोगे क्या मेरे साथ,
छत्री  फूटबाल,
एक शाम को.
शातिर है , शैतान है छत्री ,
आँखों में एक चमक आ गयी,
बोला,
खेलूँगा, मगर
सिर्फ मैं रात को.
विनती हुई, गुहार हुई,
छत्री  के चरणों में गिरी,
एक हसीना ने प्रेम-गुहार की.
मुकाबला हुआ,
एक भोली लड़की का एक शैतान से,
शुभारम्भ हुआ , हंग्कोक पे ,
मीठे-मीठे दो जाम से.
पसीने-पसीने हो गयी ,
एक सीधी सी लड़की,
निष्ठुर है, चालक है छत्री ,
खूब छकाया, उसे
एक रात को……Crassa

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