तुमने तो सारी उम्र गुजार दी,
और अब शादी की बात करते हो.
अभी तो मैं जवान हूँ,
और तुम मुझसे ऐसी बात करते हो.
अभी तो मैं खेलूंगी, खिलाऊँगी,
अपनी अदाओं पे सबको नचाउंगी,
अभी तो मैं प्रियंका-कटरीना हूँ,
और तुम मुझसे,
बिपाशा-करीना की बात करते हो.
बेशर्म हो तुम, बेहया हो तुम,
मैं तुम्हे अब क्या कहूँ?
बेगैरत हो तुम.
अभी तो मैं छलकती,
आलिया हूँ.
और तुम मुझमे,
प्रीटी और रानी ढूंढते हो.
तुमने तो सारी उम्र गुजार दी,
और अब तुम धुरंधर,
मुझसे शादी की बात करते हो.
परमीत सिंह धुरंधर