मौत पे मेरे इतना कर देना,
उनकी आँखों का काजल थोड़ा हमें लगा देना।
जन्नत नहीं, जहन्नुम में भी सुकून मिलेगा मुझे,
यकीन है हमें,
बस उनके गजरे के दो-चार फूल मेरे जनाजे पे डाल देना।
परमीत सिंह धुरंधर
मौत पे मेरे इतना कर देना,
उनकी आँखों का काजल थोड़ा हमें लगा देना।
जन्नत नहीं, जहन्नुम में भी सुकून मिलेगा मुझे,
यकीन है हमें,
बस उनके गजरे के दो-चार फूल मेरे जनाजे पे डाल देना।
परमीत सिंह धुरंधर