सत्ता


हज़रात की तमन्ना की सरकार बना लें,
सरेआम कोहराम मचा दें.
अगर यकीन न हो तो दे दो सत्ता,
फिर न कहना की आवो थोड़ा आराम फरमा लें.

परमीत सिंह धुरंधर

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