सौदा


मेरी मोहब्बत को अपना कह दीजिये,
और अपना दर्द हमें दे दीजिये।
कुछ और हम न कभी कहेंगे,
ना आप ही कोई हमसे, और सौदा कीजिये।

परमीत सिंह धुरंधर

Leave a comment