नशा


नशा तो बहुत किया,
असर भी बहुत हुआ.
पर जब उनको देखा,
तो हर जाम छूट गया.
मुलाकाते तो बहुत हुई,
बाते भी बहुत हुई,
पर उन्होंने जब छुआ,
होठों से,
तो हर गम मिट गया.

परमीत सिंह धुरंधर

Leave a comment