इश्क़


इश्क़ इतना भी न कीजिये,
की उनके रहमो-करम पे हों साँसें।
दिल जलता है तो जल जाए,
हमें नहीं चाहिए वैसी रातें।

परमीत सिंह धुरंधर

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