बिन पैसे का प्रेम दिखा दे,
तो मैं भी बिक जाऊं तुझपे।
माँ जैसी सच्ची कोई महबूब दिखा दे,
तो मैं भी बिक जाऊं तुझपे।
कब तक,
नारी देवी है- इसका जय-घोष करोगी।
बस दूध पिलाती मेनका दिखला दे,
तो मैं भी बिक जाऊं तुझपे।
परमीत सिंह धुरंधर
बिन पैसे का प्रेम दिखा दे,
तो मैं भी बिक जाऊं तुझपे।
माँ जैसी सच्ची कोई महबूब दिखा दे,
तो मैं भी बिक जाऊं तुझपे।
कब तक,
नारी देवी है- इसका जय-घोष करोगी।
बस दूध पिलाती मेनका दिखला दे,
तो मैं भी बिक जाऊं तुझपे।
परमीत सिंह धुरंधर