दुश्मनी


उनसे दुश्मनी, मोहब्बत में,
जैसे दुरी सितारों की, चाँद से.
दूर से देखने में,
वो मेरे करीब बैठी हैं.
मगर करीब रह के भी, रखती हैं,
चाँद फासला अपनी साँसों में.

परमीत सिंह धुरंधर

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