प्रेम – दीप


प्रिये प्यार करेंगे,
पूरी रात करेंगे।
एक दीप जला कर,
हम साथ रहेंगे।
सुबह हो जब, तेरी आँचल में मैं,
रात हो जब, मेरी बाहों में तू.
हर पल में तेरी,
साँसों का एहसास करेंगे।
मौसम हो एक सर्दी की,
या धुप खिली हो गर्मी वाली।
बरसात में भी, तेरी आँखों का,
हम जाम पिएंगे।

परमीत सिंह धुरंधर

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