नैहर के चोर


गली – गली में शोर बालम जी,
धरती पे एगो चोर बा.
लूट अ ता रोज हमर खजाना,
अइसन उ मुँहजोर बा.
हमरा रहते ये रानी,
केकर तहरा पे जोर बा.
हमरा त लॉग अ ता,
की तहरे मन में कउनौ चोर बा.
चल जा तानी रोजे बथानी,
हमरा के अकेले छोड़ के.
आव अ ता आधी रात के,
दे ता देहिया झकझोड़ हाँ.
गली – गली में शोर बालम जी,
धरती पे एगो चोर बा.
लूट अ ता रोज हमर खजाना,
अइसन उ मुँहजोर बा.
काहे ना चिल्लाइलु तू,
आवाज देहलू बढ़ के.
हमरा त लॉग अ ता रानी,
तहरा भाइल ई चोर बा.
मुँहवा दबले रहल हमार,
अंगिया पे रखले रहल धार हाँ.
चूड़ी तुरलख, कंगन छिनलख,
ले गइल नथुनिया तोड़ हाँ.
गली – गली में शोर बालम जी,
धरती पे एगो चोर बा.
लूट अ ता रोज हमर खजाना,
अइसन उ मुँहजोर बा.
हमरा त लॉग अ ता रानी,
तहरा नैहर के कउनौ जोड़ हाँ.
गली – गली में शोर बालम जी,
धरती पे एगो चोर बा.
लूट अ ता रोज हमर खजाना,
अइसन उ मुँहजोर बा.
हमरा रहते ये रानी,
केकर तहरा पे जोर बा.
हमरा त लॉग अ ता,
की तहरे मन में कउनौ चोर बा.

परमीत सिंह धुरंधर

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