बेहयाई का ऐसा है दौर दोस्तों,
दिल में कोई और, जिस्म पे कोई और दोस्तों।
हमसे पूछो बलखना किसे कहते हैं ?
जो कल तक मेरी थी, अब किसी और की दोस्तों।
परमीत सिंह धुरंधर
बेहयाई का ऐसा है दौर दोस्तों,
दिल में कोई और, जिस्म पे कोई और दोस्तों।
हमसे पूछो बलखना किसे कहते हैं ?
जो कल तक मेरी थी, अब किसी और की दोस्तों।
परमीत सिंह धुरंधर