मैं कान्हा ना बन पाया,
पर तू यशोदा ही है माँ.
मैं राम ना कहला पाया,
पर तू कशोल्या ही है माँ.
मैं ना तोड़ पाया तेरे बंधन,
पर तूने मुझे झूला झुलाया।
मैं शिवा जी सा ना लड़ पाया,
पर तू जीजाबाई ही है माँ.
परमीत सिंह धुरंधर
Respect mom and not religion.