वीरो की धरती है छपरा,
बलिदानों की गाथा है छपरा।
जब – जब सूरज को बादलों ने ढका है,
तो आँधियों की दास्ताँ हैं छपरा।
गंगा – घाघरा के पावन तट,
पे बसा है चित्रगुप्त -बिखारी ठाकुर का छपरा।
राजेन्द्र बाबु, लोकनायक, महामाया प्रसाद
भारत का पूरा इतिहास है छपरा।
परमीत सिंह धुरंधर