प्यार उनसे मत कर जो तुझे दुनिया में अकेला कर दें,
प्यार उनसे कर जो अकेले हों दुनिया में तेरे बिना।
परमीत सिंह धुरंधर
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प्यार उनसे मत कर जो तुझे दुनिया में अकेला कर दें,
प्यार उनसे कर जो अकेले हों दुनिया में तेरे बिना।
परमीत सिंह धुरंधर
रातों का समंदर हम कभी तैरें ही नहीं,
और दिन में कभी वो मेरे साथ आयीं ही नहीं।
परमीत सिंह धुरंधर
जिंदगी दो पलों की, बेवफाई उम्र भर का,
रिश्ते यूँ ही नहीं बनते, लहू हो या दिलों का.
परमीत सिंह धुरंधर
कौन कहता है की मैं, मैं नहीं रहा,
सब कहते है अब तू मेरा नहीं रहा.
प्यार में जितने भी वादे हुए,
सब मेरे पास रह गए.
एक भी ऐसा नहीं था की,
तेरे इरादे नहीं हुए.
परमीत सिंह धुरंधर
पतंग जो टूट जाए धागे से,
लौट के फिर उन हाथों से नहीं उड़ता.
ये सच है,
मैं आज भी दीवाना हूँ तेरे हुस्न का,
पर तेरे लौटने की दुआ मैं अब नहीं करता.
परमीत सिंह धुरंधर
चाँद मिल जाए तो फिर,
ताउम्र काट जाए चांदनी में.
पर मेरी मान,
रोज नया दिया जलाने में भी नशा है.
परमीत सिंह धुरंधर
यादों की आह,
है मोहब्बत।
कभी देखा है क्या,
पतंगे को साथ रहते हुए.
मोहब्बत में मिटना,
ही है मुक्क़दर।
कभी देखा है क्या,
पतंगे को फिर किस्मत आजमाते हुए.
परमीत सिंह धुरंधर
सजा देते, देते
दुआ दे गए.
दुश्मन मेरे,
मुझको गले से लगा के.
जिसके लिए,
दुनिया छोड़ी।
वो ही खंजर चुभा गए,
मुझको गले से लगा के.
परमीत सिंह धुरंधर
उनकी बेवफाई का गम नहीं है,
गम है की,
उन्होंने मेरी मोहब्बत को बदनाम किया।
हम दोनों ने बनाया था वो घोसला,
टुटा-फूटा, जो भी था हम दोनों का था,
जिसको उसने सरे आम नीलाम कर दिया।
परमीत सिंह धुरंधर
नशा तो बहुत किया,
असर भी बहुत हुआ.
पर जब उनको देखा,
तो हर जाम छूट गया.
मुलाकाते तो बहुत हुई,
बाते भी बहुत हुई,
पर उन्होंने जब छुआ,
होठों से,
तो हर गम मिट गया.
परमीत सिंह धुरंधर