I scream in my dreams, where no one can hear,
For the tears I can’t shed when the day draws near.
I hide my pain from the world so cold,
Afraid they’ll see that I’m weak, not bold.
RSD
I scream in my dreams, where no one can hear,
For the tears I can’t shed when the day draws near.
I hide my pain from the world so cold,
Afraid they’ll see that I’m weak, not bold.
RSD
जिनको भी मिलीं हैं किताबों की दुनिया
वो ना शहर के रहें, ना सहर के रहें।
जंग रही उनकी सदा अंधेरों से
मगर ना वो रौशनी के रहें , ना चांदनी के रहें।
बहुत दिन तक हम भी इसी गुमान में रहे
पर अंत में ना खुदा के रहें, ना महबूबा के रहें।
RSD
भक्त की पुकार को अब तो सुन लो हे रघुनन्दन
भक्त का संसार हो आप हे रघुनन्दन।
चरण-रपर्श मात्र से तर गयी अहिल्या पत्थर से
भक्त का भी अब उद्धार करो हे रघुनन्दन।
ब्रह्माण्ड में कुछ भी कठिन नहीं, जिसके ह्रदय में आप हो रघुनन्दन
हनुमान जी के साथ फिर मेरे ह्रदय में विराज करो हे रघुनन्दन।
RSD
शौक समंदर का मुझे लहरों में ले गया
साहिल से दूर मझधार में ले गया
सल्तनत ना रही मेरी पर दर्प-गर्व वही है
राजपूत होने का अंश और गंभ वही है.
हार-जीत गोरो को बदल सकती है
पृथ्वीराज निर्भय है, और अब भी वही है.
जीवन पे मौत का भय कैसा?
उबाल हो नशों में तो फिर पड़ाव कैसा?
अमृत की मोह में परिश्रम का क्या मोल
गरल का पान शिव को नीलकंठ बना गया.
RSD
मैं बहुत प्यासा, रह गया तेरे इश्क़ में
बन के एक, तमाशा रह गया तेरे इश्क़ में.
दुनिया सुकून से जी रही है घर बसा के
मैं बंजारा रह गया तेरे इश्क़ में.
चाँद लकीरों की बात नहीं है मोहब्बत
सिक्कों का खेल है
जिसने भी उछाला, ले गया तुझे
करता मैं सजदा रह गया तेरे इश्क़ में.
खुदा इतना कठोर है मुझे नहीं पता था
अपनी तरफ उसे समझता रह गया तेरे इश्क़ में.
किस-किस ने ना लुटा एक तेरे लूटने के बाद
मैं बूत सा देखता रह गया तेरे इश्क़ में.
RSD
निगाहों का असर ही कुछ ऐसा है
वो ही लुभाती हैं जिनमे शर्म बहुत है.
तेरी जुल्फों के सायें में काट जाए बस एक रात
अपनी जिंदगीं के लिए इतना ही बहुत है.
RSD
इस बार की होली को रंगीन कर देंगे
तुम कहो तो जुर्म कोई संगीन कर देंगें
जितनी भी शिकायतें हैं साल भर से तुम्हारी
मिलते ही सबको १-२-३ कर देंगें।
RSD
यूँ ही खड़ा नहीं हूँ तेरे शहर में
मेरे सर पे आशीष बहुत है.
वो कहते हैं की मैं उनका दीदार नहीं करता
मेरे दुश्मनों के महफ़िल में वो बैठता बहुत है.
जिनके सीने में दिल है कह दो खुदकुशियां ना करें
शहर में अब खुलने लगी दुकाने बहुत हैं.
इश्क़ में कटरीना नहीं तो मलिक्का बहुत हैं
जिन्हे वो भी नहीं, उनके लिए मिया खलीफा बहुत है.
रात में हर किसी का भरोसा नहीं करते
यहाँ अंधेरों में चलते खंजर बहुत हैं.
तुम जिसे चाँद कह रहे हो शहर का
उसमे तो दाग बहुत है.
RSD
Massechutes, Boston, and Harvard
A dream that I chased at the
cost of my motherland.
I prefer walking
In the morning Dew to
a night full of dreams.
RSD
आँखों में मदिरा, अधरों पे अंगार हैं
तेरी चढ़ती जवानी जैसे मेरा बिहार है
वहाँ गंगा की धार, यहाँ तेरे नयनों के बाण हैं
वहाँ नितीश कुमार, यहाँ तेरी हिरणी सी चाल हैं
वहाँ लिट्टी, घी, अँचार, यहाँ तेरे सोलह श्रृंगार हैं
वो सब मेरे ह्रदय में और तू भी विराज है.
कौन कहेगा तुझे वेवफा
तेरे संग एक रात पे ता उम्र निसार है.
मिश्री की कोई डाली हो तुम
या चासनी में ताली हो तुम.
तुम्हारे वक्ष जैसे पहली की क्यारी हो तुम
तुम्हारे कमर जैसे मेरे खेतों में गेहूं की बाली हो तुम.
जो भी हो जैसी भी हो पर प्यारी हो तुम
देखो, चुनना साथी कोई बिहारी को तुम.
नैनों से कातिल, और कमर से कंटीली हो तुम
नागिन कोई नवेली हो तुम.
पर देखो, चुनना सपेरा कोई बिहारी को तुम.
RSD