Life


Life is not a walk along with a rainbow. 

Life is like sand that doesn’t enjoy the rain.

In every second of life

Only your heart beats with you.

Instead of growing paddy in the field 

We all dream of having a rainy day 

And see a rainbow. 

This is a paradox of life. 

The pain I have is that 

I am suffering from the paradox too. 

RSD

A dense tree


The dream to have you in my arms 

Is shattered like broken glass. 

The more I try to collect pieces

The more I get sore.

A dense tree grows at the cost of another tree.

It only allows grass and weeds near it. 

The zoea and megalops eat their mom 

While residing inside her abdomen.

A mind full of regret and attachment is like a dense tree. 

It only allows negativity to grow. 

It resides inside us and eats us to grow itself. 

RSD

मंताज माही


सुकून नहीं मुझे किसी मयखाने में
नेरा सुकून तो मेरा साकी ले गया.
जो देख रहे हो वो तो अवशेष बचा है सिर्फ
विशेष तो सब मेरा मंताज माही ले गया.

RSD


Dream and Plot


To have a dream
You have to be innocent.
Because a mind full of plans
Only makes plots
And never chase a dream.

To win a marathon
You need to compete with yourself.
To compete with someone
You need to make a plan and plot.
But to compete with yourself
You have to chase a dream.

RSD


I am not alone 

I am just with my soul. 

RSD

माँ की निगाहों में है


फ़िज़ाओं में रौशनी सितारों से नहीं, दुआओं से है
मेरी राहें-मंजिल मेरी माँ की निगाहों में है.

RSD

जख्म


दरिया और समंदर में, समंदर गहरा है
तेरे हिज़्र का जख्म, हर जख्म से गहरा है.
जझुकि तेरी नजर, तेरे शर्म का पर्दा है
पर इनसे चलें तीरों का जख्म बहुत गहरा है.

RSD


मुसाफिर हैं जो तन्हाई के उनका शौक भी तन्हाई है
जो छू के बैठें हैं तुझे, उनकी चाह में नहीं अब कोई अंगराई है.

जिस्म की ख्वाइसे दिल की ख्वाइशों से जुदा है क्या
ये जिसे तुम कह रहे हो मोहब्बत, वासना से जुदा ही क्या?

मेरी जिंदगी ही क्या जिसमे तेरा कोई जिक्र नहीं
वसल न सही, ना सही, तुझसे कोई हिज्र नहीं।

वो आँखों से इज़ाज़त लेने का दौर कहाँ
जब हम निगाहों से रोटी बदल लेते थे
वो मोहब्बत का दौर कहाँ
जहाँ बिना वसल के रात गुज्जार लेते थे.

ना पूछ की कैसे गुजरी है रात
ये पूछ की कैसे गुजारी है रात.
वो जो कहते थे हंस -हंस के हर बात
अब बिना कहे काट लेते हैं कई-कई रात.

साकी तेरा मुस्कराना गेम इलाज़ है मेरा
ये बस शराब नहीं दवा- ए -फ़िराक है मेरा।

सुकून मिला न मुझको शबे-वसल के बाद
कुछ ऐसे टूटा हूँ मैं तुम्हारे हिज़्र के बाद.

मोहब्बत में ताक्काबुर उनका अंदाज है
इश्क़ की मानिल कुछ नहीं बस गेम-फ़िराक़ है.

मंजिल तक आते -आते हर कारवां छूट गया
हर किसी के नसीब में कहाँ ये मुकाम है.

साकी पिला कुछ ऐसे की मयकदा घर बन जाए
वसल तो मुमकिन नहीं जख़्म भर जाए
कई रातों से आँखों को नींद मय्यसर नहीं
तू बस मुस्करा दे की कोई ख्वाब मिल जाए.

खुदा जानता है काफिर वो नहीं जिसने छोड़ दी इबादत तेरे हिज़्र के बाद
काफिर वो है जो मांगता है जन्नत और उसकी ७२ हूरें तुझसे वसल के बाद.

RSD

तन्हाई


हिज्र में तुम्हारे रहा न मुझ सा कोई
जो वो समझे मेरी ये तन्हाई।

RSD