खालीपन


तेरी आँखों का कालापन,
मेरे मन का कुँवारापन।
एक है सागर की गहराई लिए,
और एक में, दहकते रेगिस्तान का सूनापन।
तेरी योवन का ये अकेलापन,
मेरे मन का ये बंजारापन।
एक है हिमालय सा उन्नत,
और एक में अनंत बसा ये खालीपन।

परमीत सिंह धुरंधर

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