दिल तो अभी भी जवानी लिए हैं,
कमर ही बस झुकी है रानी।
रौशनी निगाहों की कम हुई है,
साँसे तो आज भी है तूफानी।
परमीत सिंह धुरंधर
दिल तो अभी भी जवानी लिए हैं,
कमर ही बस झुकी है रानी।
रौशनी निगाहों की कम हुई है,
साँसे तो आज भी है तूफानी।
परमीत सिंह धुरंधर
yani aapne maan liya ke aapko budhapa aagaya ….. 😉
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aur kamar bhi jhuk gyi
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