अगर ब्रह्मचर्य से ही परमानन्द की प्राप्ति होती, तो खच्चर यूँ धरती पे बोझ न ढोता। और, अगर एक नारी एक नारी का दर्द समझ सकती तो टाइगर वुड्स को दुबारा प्यार नहीं प्राप्त होता।
परमीत सिंह धुरंधर
अगर ब्रह्मचर्य से ही परमानन्द की प्राप्ति होती, तो खच्चर यूँ धरती पे बोझ न ढोता। और, अगर एक नारी एक नारी का दर्द समझ सकती तो टाइगर वुड्स को दुबारा प्यार नहीं प्राप्त होता।
परमीत सिंह धुरंधर