शेरो की बस्ती देखी,
बस्ती में शेर देखा।
रिश्तों की कश्ती देखी,
कश्ती में रिश्ता देखा।
दूध के लिए बिलखते बच्चें देखें,
बच्चों के लिए तरसते,
बून्द-बून्द, छलकते दूध देखा।
फटे-चीथड़े आँचल में जवानी देखी,
जवानी में फटा – चिथड़ा आँचल देखा।
२० से २५ तक,
लिव -इन -रिलेशनशिप देखी,
३० के बाद,
शादी को तरसती आँखे देखीं।
प्यार में सबका,
दिल तोड़ती एक लड़की देखी,
और चोट खाने के बाद,
उसको माय चॉइस गाते देखा।
परमीत सिंह धुरंधर