पतंगों का प्रेम


तुम्हारा चरित्र तुम्हारी सूरत नहीं,
हमारा चरित्र ही हमारी सूरत है.
बिजलिया कितना भी चमक ले,
पतंगों का प्रेम बस दीयों के नसीब में है.

Character is everything!!!

परमीत सिंह धुरंधर

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