मोहब्बत


मोहब्बत यहाँ पे, ना किसी की हुई है
ना कोई मोहब्बत में बसा ही कहीं हैं.
लगा लो हाँ दिल को घडी -दो -घडी बस
उम्र भर यहाँ तो ना कोई किसी का.

Rifle Singh Dhurandhar

One thought on “मोहब्बत

  1. Prema's avatar Prema

    बड़ी हसरत थी मोहब्बत मिले हमें
    दीवानापन रास आये
    ग़मे इश्क़ ही चाहें लेकिन
    ताउम्र मोहब्बत
    रुठी रुठी रही
    और हम भटकते रहें जिंदगी सँवारे में।

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