Wild Dream


Be with me,
In the dark night.
So, you can hide your shyness,
And I would be wild.
I would hold you,
Close to my chest.
So, you can feel my breathing,
And I would be wild.
With my fingers in your hairs,
And my lips on your waist,
You can close your eyes,
And I would be wild.
I just want to,
Let you know.
How much wild dream I have,
For you.
So, be with me,
In the dark night.
So, you can hide your shyness,
And I would be wild.

 

Parmit Singh Dhurandhar

वक्षों पे धूप


रातों को ढल जाने दो,
सुबह को सीने में पल जाने दो.
दोपहर में,
मैं मिलूंगी तुमसे बलम जी,
मेरे तन पे ये धूप गिर जाने दो.
तुम मेरी कमर जब पकड़ते हो,
मैं कैसे फिर सोऊँ?
तुम्हारी उँगलियों के रहते मेरी जुल्फों में,
मैं कैसे अपनी आँखों में नींद लाऊं?
तुम ये रातों का दीप, पूरा जल जाने दो,
ये चाँद -तारे, उषा के आँचल में छुप जाने दो.
दोपहर में,
मैं मिलूंगी तुमसे बलम जी,
मेरी वक्षों पे भी थोड़ी ये धूप गिर जाने दो.

 

परमीत सिंह धुरंधर

कॉफी की एक चुस्की


जिंदगी में बहुत गम है,
कभी तुम मुस्कराओ, कभी हम मुस्करा लें.
माना की हम जीवन भर साथ नहीं रह सकते,
माना की हम जीवन भर साथ चल नहीं सकते।
पर कुछ और नहीं,
आवो कभी, इन ठंढी रातों में,
कॉफी की एक चुस्की ही साथ ले लें.
जिंदगी में बहुत काम है,
कभी तुम हाल पूछ लो मेरा, कभी हम तुम्हारा हाल पूछ लें.

 

परमीत सिंह धुरंधर

Lets be together


I just want to laugh,
So, lets be together.
I just want to walk,
So, lets be together.
I don’t care,
Whether it is snow or dark night.
I don’t have any dream,
But I want to create my own niche.
So lets be together.
I don’t know what the life is?
But want to have you in my life.
So, lets be together.
I don’t care,
Whether it is shallow or deep.
So, lets be together.
I just want to laugh,
So, lets be together.
I just want to walk,
So, lets be together.

 

Parmit Singh Dhurandhar

त्याग की महत्ता


त्याग जीवन में सबसे महत्वपूर्ण और महान काम है.  चाहे कलयुग हो या सतयुग हो, वीर वही है जिसने त्याग किया है. और गुरु गोबिंद सिंह जी से बड़ा त्यागी कोई नहीं। भगवान् राम एक अवतार त्रेता में और गुरु गोबिंद सिंह जी कलयुग में अवतार सिर्फ मानवता  को त्याग की महत्ता बताने के लिए हुआ था.

 

परमीत सिंह धुरंधर

Desire


I am walking alone,
In the dark night.
There is nothing to chase,
Now, in the life.
You left me so much broken,
Now, I have desire only for cocaine .

 

Parmit Singh Dhurandhar

A Horny Lady with an Indian Rail


Lets play the game baby,
Lets play the game.
You are my sweet heart,
And I am your jem.
You are my sweet dream,
And I am your cake.
Lets play the game baby,
Lets play the game.
You are super sexy diva,
And I am your Indian rail.
You are my horny lady,
And I am your dark chocolate
Lets play the game baby,
Lets play the game.
You will make the rule,
And I will break.
I will do my science,
And you will claim.
Lets play the game baby,
Lets play the game.

Parmit Singh Dhurandhar

अपनी नजरों का एक सहारा तो दे दे


महबूब मेरे,
मुझे कुछ तो चैन दे दे.
बैचैन सी हैं जिंदगी,
इसे कभी तो आराम दे दे.
तन्हाइयों में जो हैं,
ये सब कुछ बिखरा हुआ.
इन्हें कभी तो समेट कर,
अपनी संदूक में कहीं छुपा ले.
जिंदगी की उलझने मेरी,
मुझसे सुलझती ही नहीं।
तू कभी दूर से ही सही मगर,
अपनी नजरों का एक सहारा तो दे दे.
प्यासा सावन क्या बरसे किसी पे?
तू उसे अपनी जुल्फों की कुछ बुँदे दे दे.

 

परमीत सिंह धुरंधर

M. S. Dhoni: The untold story


महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तान के रूप में अपने आखिरी भाषण में प्रवीण जी का नाम लिया। इसके तुरन्त बाद CCMB में लोगो में आश्चर्य और बिषमय का भाव आ गया. तुरंत CCMB से नीरव राव ने जर्मनी में अपने साथी मेवेन्द्र सिंह को फ़ोन लगाया।
नीरव : भाई तुम क्या कर रहे हो? यहाँ धोनी ने अपने भाषण में प्रवीण सिंह हजेरी को धन्यवाद दिया है. तुम इतना क्रिकेट खेले तो क्या कबाड़ लिए?
मेवेन्द्र सिंह: अरे ऐसा क्या? लेकिन प्रवीण जी का नाम क्यों आया? उन्होंने क्या किया है? साला मैंने तो Nature छापा हैं और अभी कल रात में Cell में पेपर सबमिट किया है.
नीरव राव: भाई इसमें मुझे लगता है परमीत का हाथ हैं. तीनो सिंह मिल कर तुम्हे अलग कर दिए.
एक काम करो. जल्दी से अपनी ३० लोगो के सीनेट की बैठक बुलावो।
मेवेन्द्र: अब सिर्फ २८ हैं. याद नहीं, दो लोग साथ नहीं दिए, वरना आज धोनी मेरा नाम लेता अपने भाषण में.
जल्दी से २८ लोगो की अंतरराष्ट्रीय बैठक बुलाई गयी. बैठक में धोनी के भाषण में, मेवेन्द्र सिंह का नाम नहीं रहने पे लोगो ने अपना गुस्सा व्यक्त किया। सबसे सीनियर दुबे जी ने धोनी को पत्र लिखा और कहा की मेवेन्द्र उनका छोटा भाई है. उसके लिए वो आखिरी पल तक लड़ेंगे। अतः धोनी जी आप फिर से एक भाषण दें और मेवेन्द्र का नाम नहीं लेने के लिए माफ़ी मांगे। धोनी के इनकार करने पे, दुबे जी ने तुरंत दूसरी मीटिंग बुलाई, और घोषणा की हम लोग धोनी का वीजा रुकवायेंगे ताकि वो इंग्लैंड ना जा सके चैंपियंस ट्रॉफी खेलने।
आखिरी समय तक पता नहीं चला की दुबे जी सफल हुए या नहीं, लेकिन धोनी ने जिस प्रवीण जी का नाम लिया वो CCMB के प्रवीण सिंह हजेरी नहीं वल्कि उत्तर प्रदेश के प्रवीण कुमार है. प्रवीण कुमार वो ही क्रिकेटर हैं जिन्होंने धोनी के नेतृत्व में खेला है अंतरराष्ट्रीय मैचों में.

 

परमीत सिंह धुरंधर

इश्क़


तुमसे इश्क़ हुआ तो ज़माने को समझने लगे.
तुम्हारे पीछे है अब जमाना, मुझे लगाने को ठिकाने।

 

परमीत सिंह धुरंधर