तनी रहे दीं सियन चोली के


तनी धीरे -धीरे छुईं राजा जी,
अभी – अभी त अ जवानी आइल बा.
तनी रहे दीं,
तनी रहे दीं सियन चोली के,
दर्ज़ी लगन में बाहर गइल बा.
काहे ऐसे, काहे ऐसे बउराइल बानी,
सारा धन त अ रउरे खातिर बा.
तनी रहे दीं,
तनी रहे दीं कुछ थाती राजा जी,
अभी कउन उमर भइल बा.
काहे ऐसे, काहे ऐसे भुखाइल बानी,
सारा त अ दही जामल बा.
तनी रहे दीं,
तनी रहे दीं कुछ छाली राजा जी,
घिउवा बड़ा महंग भइल बा.

परमीत सिंह धुरंधर

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