माँ तुम देवों की देव हो


माँ तुमसे मिलना मेरा, जीवन का एक अद्भुत क्षण है.
माँ तुम देवों की देव हो, आँचल तुम्हारा मेरा परम धाम है.
जब तुम ही हो मेरे साथ, किसको पूजूँ, किसको धयाऊं?
पुत्र ही जब तुम्हारा हूँ, फिर और क्या पुण्य कमाऊं?
बस तुम्हारा आशीष ही माँ, मेरा ब्रह्मास्त्र, मेरा कवच – कुंडल है.
माँ तुमसे मिलना मेरा, जीवन का एक अद्भुत क्षण है.
माँ तुम देवों की देव हो, आँचल तुम्हारा मेरा परम धाम है.

 

परमीत सिंह धुरंधर

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