बच्चों को सेरेलेक्स और फॉरेक्स से राहत है


ऐसा नहीं है की,
मेनका एक अपवाद है.
आज भी,
भारतीय नारी को बच्चे से ज्यादा,
विश्व – सुंदरी का ख़िताब,
और अच्छे फिगर की चाहत है.
और उनके बच्चों को,
सेरेलेक्स और फॉरेक्स से राहत है.

कौन कहता है की?
भारत की धरती पे,
नारियाँ अपने बच्चों को,
मोहब्बत, ममता और मातृत्व से पोषित करती हैं.
बच्चे बिलखते हैं,
और नारियाँ अपने जिस्म में दूध को संचित करती हैं.

कैसे कोई नारी सिखलाएगी?
अपनी संतान को नारी का सम्म्मान करना।
जब नारी को खुद रिश्तों से ज्यादा जिस्म,
और दौलत की चाहत है.

 

परमीत सिंह धुरंधर

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