मैं नदियों से नहीं कहूंगा


मैंने समुन्द्रों से कह दिया है,
की नदियों को ना छेड़ें।
पर मैं नदियों से नहीं कहूंगा,
की वो किनारों को ना तोड़ें।

मैंने कहा है समुन्द्रों से,
वो नदियों को समझे।
उनका सम्मान करें,
उनको अधिकार दें,
उनके जज्बातों का मान रखें।

और मैंने ये भी कहा है समुन्द्रों से,
की वो इसके बदले नदियों से कोई आशा ना रखें,
वफ़ा की,
समझदारी की,
सम्म्मान की,
या उनके भावनाओं को समझने की.

और ना ही मैं नदियों से ये कहूंगा,
की वो ऐसा करने की कोसिस करें।

 

परमीत सिंह धुरंधर

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