प्यास रक्तपात की


रक्त की हर बून्द में प्यास रक्तपात की
वो राजपूत नहीं, जसके आँखों में ख्वाब नहीं
कुरुक्षेत्र में शंखनाद की.

जो लोट गए हैं अकबर की चरणों में जाकर
उनके नस – नस को एहसास नहीं
राजपूतों के इतिहास की.

परमीत सिंह धुरंधर

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