जवानी के किस्से


कुछ जवानी के किस्से ऐसे भी हैं,
अधरों से अधरों तक आते – आते
उम्र गुजर गयी.

संसार में, हर कोई स्वघोषित बाजीगर है
खेलना तो दूर साहब
बस दूसरों पे हंसने में उम्र गुजर गयी.

परमीत सिंह धुरंधर

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