वृक्षों को ना काटो


ए मेरे दोस्तों
वृक्षों को ना काटो।
तुम तो अपनी जमीन छोड़ रहे
किसी को तो जमीन पे रहने दो.

आसमान में उड़ना
पक्षियों को पसंद है.
मगर तभी तक
जब उनका कोई बसेरा हो.
तुम तो अपना घर तोड़ रहे हो
किसी को तो घर बसाने दो.

परमीत सिंह धुरंधर

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