जय गणपति


रूप विराट, नयन विशाल
तेज ललाट पे स्वयं सूर्य सा.

देवों के देव, प्रथम पूज्य
आशीष प्राप्त तुम्हे
स्वयं शक्ति-महादेव का.

परमीत सिंह धुरंधर

Leave a comment