मेरे राम, हृदय की सारी प्यास मिटा दो बस एक प्यार से,
कभी गले से लगा के हमें कह दो कि हम प्रिय हैं आपके।
भटकता रहा है जीवन नदियों-सा, घाट-घाट,
इस भटकन से अब हमें छुटकारा मिले।
कुछ ऐसा करो मेरे राम, कि अब आपके समंदर का किनारा मिले।
मेरे जीवन की सारी बाधाएँ हर लो राम, अपनी एक नज़र से,
कभी गले से लगा के हमें कह दो कि हम प्रिय हैं आपके।
RSD